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Wednesday, 3 June 2020

Ertrugrul Gazi से इब्नूल अरबी के बेहतरीन डायलॉग

Ertrugrul Gazi से इब्नूल अरबी के बेहतरीन डायलॉग 


हाल ही में एक तुर्की सीरियल काफी चर्चा में है,जिसका नाम है Dirilis Ertugrul   जो Ertugrul Gazi


के जंग और फतह के साहसिक कारनामो पर आधारित है। इस सीरियल से कुछ चुनिंदा डायलाग -

 ○बहुत से काफिर खुद को मुसलमान बताते हैं, लेकिन ईमान नहीं होता उनके दिल में, हक ताला में सुरह बकरा में फरमाया है कि बाज मुसलमान अंदर से काफिर और बाज काफिर अंदर से मुसलमान होते हैं।

○मुल्क से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है।

○यह कुरआन है इसे छुएं लेकिन बा वजू होकर, गौर व फ़िक्र करने वालों के लिए हर इल्म मौजूद है इसमें,हर राज से पर्दा उठाता है ये। आपके हाथ में जो किताब है उसमें जो कुछ भी तहरीर है वो इस कुरआन के समंदर का एक कतरा भी नहीं है।

 ○एक गरीब सैया हूं मैं गुरूबे आफताब की सरजमीन से निकलकर तुलू ए आफताब की खोज में हूं मैं।

○जो दूसरों की दिल से खिदमत करते हैं उनको गैब से मदद मिलती है।

○याद रखना खुदा उसी को फतह याब करता है जो हक और बातिल के मारके में दुश्मन के खौफ से कदम पीछे नहीं हटाता और साबित कदम रहता है।

○तौबा का दरवाजा हर वक्त खुला है बेटी तुम अल्लाह के सामने तौबा पेश तो करो लेकिन जिन इंसानों के साथ तुमने ज्यादती की है उन सब से माफी मांगनी होगी फरदन फर्दन। क्योंकि तब कहता है किसी का हक मार के मेरे पास न आना।

○तुम अल्लाह के राह पर हो फरजंद और अल्लाह अपनी राह पर चलने वालों की मदद फरमाता है।

○हलाल हराम सोचे बिना कमाई में लगे हैं अपने रब की खुशनुदी के बगैर अल्लाह रब्बुल इज्जत इन सबको नेक हिदायत अता करें।

○हजरते आदम अलैहस्सलाम से लेकर आज तक यही होता आया है फरजंद नाउम्मीदी का कोई सबब नहीं फिर भी बेहतर बनने के दावे ने काबील के हाथों हाबील का कतल करवाया एक भाई का भाई का खून बहना शुरू हो गया,दुनियां में जितनी भी लड़ाइयां हैं जितने भी झगड़े हैं उनका सबब कुछ भी बताए लेकिन कातिल बहर हाल ए काबील है। भाई का कतल करने वाला हर इंसान बेशक लायक ए लानत है। मगर दूसरी तरफ जो भाई कतल होता है वो यकीनन अल्लाह का दोस्त कहलाएगा तो जो सख्श भी काबील के बजाए हाबील बनेगा,वो बेशक अल्लाह को अजीज होगा।

○जानते हो कुल्हाड़ी कैसे बनाई जाती है? फौलाद को खूब जर्फ लगाकर चोट मारकर इस आकार में ढाला जाता है इसी तरह तुम्हारी ये तलवार आग में न डाली जाए तो सिर्फ एक लोहे का टुकड़ा है। बिल्कुल इसी तरह तुम इन आजमाइशों कि भट्टी से ना गुजरते तो तुम क्या होते?

○मुहम्मद सल. ने फरमाया है तमाम आदमे औलाद गुनहगार हैं उन गुनहगारों में अच्छे वही हैं जो तौबा कर लें।

○सबब अल्लाह है बाकी सब वासीला है तुम अल्लाह का शुक्र अदा करो। शुक्र करो ताकि नतों की तकमील हो और ईमान पर खात्मा हो। अल्लाह जब किसी शय का इरादा करता है तो हर शय उसकी पाबंद हो जाती है । जाने अनजाने असबाब बनते चले जाते हैं और उसका इरादा तकमील पा जाता है।

○आबे हयात तो खल्क के खिदमत करने से मिलता है चलो उठो और ये मायूसी को धूल झाड़ दो अपने चेहरे से। मरने के बाद जैसे दोबारा जिंदा होना है,ऐसे ही उठ बैठो। यूं पड़े - पड़े खिज्र अलैहिस्सलाम का इंतेज़ार मत करो,तुमसे वाबस्ता जो लोग परेशान हैं तुम उनके लिए खिज्र हो। आबे हयात सिर्फ उसे मिलेगा जिसे ईमान की तलब होगी। तुम उन सबके लिए वसिला हो।

○तुम्हारे लिए जो हद मुकर्रर की गई थी उसे बदला नहीं का सकता ना उस तोड़ा जा सकता है।  तुम्हारी तरबियत करने वालों ने शायद तुम्हे ये नहीं बताया था।

○ऐ अजीज मुसलमानों रब्ब ए तआला सुरह ए निशा में इरशाद फरमाता है जो भी अल्लाह और उसके रसूल को अताअत करेगा तो उसे उनका साथ मिलेगा जिसे अल्लाह ने फजल किया यानि अंबिया और सिद्दीकेइन और सहिह और सालेहीन और ये क्या ही अच्छे साथी हैं एक मुसलमान का सबसे आला वज्फ सिद्दीकीयत है। क्या है सिद्दीकीयत? हमेशा राहे रास्त पर रहना,जब बोलना तो सच कहना, चाहे जालिम हुक्मरान ही क्यों न हो!सिद्देकियत एक इंसान को हक पर कायम रखने का बेहतरीन रास्ता है और उसपर चलने वाले राहे हक के सबसे अच्छे मुसाफिर हैं।

○ इंसानों से कुछ लेने के लिए हाथ मत बढ़ाओ मगर क्योंकि देने वाला अल्लाह ही के शक्ल में होने का इल्म है तो ले सकते हो तो ले लो। इस सूरत में भी मगर इतना ही के सकोगे कि जितना तुम्हारा इल्म टंपार मबाह करता है।

○इमान के साथ जो कल्ब इख्तेयार करने वाला रब से जुड़ा हुआ है तो वो किसी भी तरह के खतरे में घिर जाए तो ईमान उसे हक पर साबित कदम रखता है सो हर मुश्किल में वो उसी को याद करता है।

○बा व जात चाल बिछाने वाले जीत भी जाएं तो हार जाते हैं और जिंदा भी हों तो मर जाते हैं। अल्लाह हमें जाल बिछाने वालों से महफूज रखे। आमीन!

○जिस रब ने युनूस अलैहिस्सलाम को मछली के पेट में जिंदा रखा और उसी परवरदिगार ने अयूब अलैहिस्सलाम को कीड़ों से निजात दी, मूसा अलैहिस्सलाम को दरिया ए नील के मौजों से और हमारे नबी सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम को काफिरों से वहीं परवरदिगार हमें भी बचाएगा। जिस परवरदिगार ने आग से इब्राहिम अलैहिस्सलाम को बचाया।

○ याद रखना जो लोग बातिल से मरउब होकर कदम पीछे हटाते हैं तो हक तआला काफिरों के मुकाबले में ऐसे मुसलमानों को गालिब नहीं करते यही अतले इलाही है।

○यदि तुम नेक नियत से अपनी जिम्मेदारियां पूरी करते रहे तो अल्लाह आसानी फरमाएगा और तुम्हें ऐसे लोगों का साथ अता होगा जो तुम्हारे बेहतरीन मददगार साबित होंगे।

○जो दूसरों की दिल से खिदमत करते हैं उनको गैब से मदद मिलती है।

○आबे हयात ईमान है, आबे हयात इश्क है फरजंद इश्क आदमी को इंसान बनाने वाली, मौत को जिंदगी देने वाली,इंसान को अल्लाह तक पहुंचाने वाली शय। आबे हयात उसके पीछे भागने वालों को नहीं बस अल्लाह की इबादत से ही मिल सकता है।

○हक तआला जिसका जैसे चाहता है वैसे ही इम्तेहान लेता है और अपने खास बन्दों को उस इम्तेहान के जरिए कुंदन बनाता है। हर किसी को अपना अपना इम्तेहान देना है अल्लाह हर इम्तेहान के बाद तुम्हे इनाम देगा ये यकीन रखो। वो सबका बर्गुजीदा बनना आसान नहीं। डटे रहोगे तभी याद रखे जाओगे।

○ हम सफरी अच्छी शय है दरवेश! सफ़र में इंसान का अंदर खुलता है,सफर में ही इंसान,इंसान को पहचानता है।

○हर परिंदा अपने झुंड के साथ अच्छा लगता है। शाहीन, शाहीनों के साथ और कौआ,कौए के साथ। हलब में बहुत हुजूम हो गया है,शाहीन और कौए सभी एक साथ जमा हो गए हैं। हर एक के अपने मसाइल हैं।।सब हराम हलाल सोचे बिना कमाई में लगे हुए हैं,अपने रब की खुशनुदी के बगैर। अल्लाह रब्बुल इज्जत इन सबको नेक हिदायत अदा करे।

○जो जुस्तजू करके हिदायत पा ले उसे सितारों की कोई जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि सूरज के आबो ताब के आगे सितारों की क्या अहमियत।

○एक जवान बूढ़े से कहे के बाबा मुझे हिमायत चाहिए। तो यानी खिदमत।

○हज़रत मुहम्मद सल. ने हमें बताया कि नेमतों में इस्लाम से बढ़कर कोई नेमत नहीं है।

○खुदा जाहिर व बातिल से परखता है अपने बंदों को।

○औलाद बाप की फितरत पर होती है।

○पहले खुद को माफी के लायक बनाना होता है। वाकई माफी के लायक बनना चाहते हो तो पहले कल्ब की सफाई करनी होगी और कल्ब वजूद का अहम तरीन हिस्सा है। ये कल्ब जो है औलादे आदम का सबसे बड़ा वसीयत है।

○बड़े ख्वाब देखने वालों और बड़े अहद को पूरा करने वालों को बड़ी कुर्बानियां देनी पड़ती है।

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