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Saturday, 30 October 2021

99 साल की लीज? जरा सुनिए प्लीज!99 year lease? Just listen please

 99 साल की लीज? जरा सुनिए प्लीज!

99 Years lease
आजादी के बाद अखबार में छपी खबर
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भारत पर ब्रिटेन ने लगभग एक सदी तक राज किया और गुलाम बना कर रखा। ये बात जग जाहिर है लेकिन आज़ादी पर लेकर एक बहुत बड़ा बखेड़ा तब शुरू हो गया जब रुचि पाठक नाम की एक महिला ने यह कहा कि भारत पूर्ण रूप से आजाद नहीं है और हम 24 साल के बाद फिर ब्रिटेन के अधीन होंगे? 

आइए चलते हैं इतिहास की तरफ!

सबसे पहला दावा क्या भारत को आजादी 99 साल की लीज पर मिली है? इसका उत्तर है नहीं!

भारत आजाद संप्रभू राष्ट्र है। लीज जैसे दावे सिर्फ और सिर्फ झूठ बयानी और अफवाह है। 14 अगस्त 1947 तक ब्रिटेन के राजा का शासन चलता था। राजा का नाम था किंग जार्ज VI. 15 अगस्त रात 12 बजे से भारत और और पाकिस्तान ब्रिटेन के दो अभिराज्य बन गए इसका मतलब था, ये देश अपनी व्यवस्था खुद बना लेने तक ब्रिटेन से सलाह मशवरा करेंगे। लेकिन ब्रिटेन का कोई भी कानून इन देशों की संसद व्यवस्था की अनुमति के बिना लागू नहीं किया जा सकेगा। भारत स्वतंत्रता अधिनियम 1947 में इसका जिक्र किया गया है। 15 अगस्त 1947 को जवाहर लाल नेहरू ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी नेहरू डोमिनियम सरकार के ही प्रधानमंत्री थे। ये एक अंतरिम व्यवस्था थी,इसलिए नई व्यवस्था लागू होने तक,गवर्नर जनरल का पद भी जारी रखा गया। उस समय भारत के गवर्नर जनरल लुई माउंट बेटन थे। 21 जून 1948 को सी. राजगोपालाचारी भारत के गवर्नर जनरल बने। 26 जनवरी 1950 को आजाद भारत का संविधान लागू होते ही। भारत एक संप्रभु गणराज्य(sovereign republic) बन गया। संप्रभु माने ऐसा देश जो किसी और नियंत्रण में नहीं है जो अपने कानून पर चलता है। तो भारत में चलती है,भारत की चुनी हुई सरकार। भारत पर एक सदी से ज्यादा हमपर राज करने वाले ब्रिटेन के बस में भी नहीं है। भारत पर बस भारत के लोगो की चुनी हुई सरकार का राज चलता है। भारत का संविधान जब तैयार हुआ तो उसे मान्यता गवर्नर जनरल ने नहीं बल्कि संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने दी थी। प्रसाद 26 जनवरी 1950 को भारत के पहले राष्ट्रपति बने। संविधान लागू होने पर 26 जनवरी 1950 को ही भारत के प्रधानमंत्री यानि जवाहर लाल नेहरू और नए राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने संविधान की शपथ ली। गवर्नर जनरल का पद इस दिन से खत्म हो गया। इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट भारत की गणराज्य बनने तक ही लागू था। भारत के गणराज्य बनते ही इस एक्ट के प्रावधान अपने आप ही रद्द हो गए। संविधान के मुताबिक गणतंत्र शब्द का मतलब होता है:- जनता का,जनता के लिए, जनता द्वारा शासन। इसमें कहीं भी राजा - रानी का जिक्र नहीं है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर दावा किया जाता रहा है कि सब कामन वेल्थ देश ब्रिटेन के गुलाम हैं और उनके ऊपर ब्रिटिश महारानी का कंट्रोल है। अब बताते हैं कि सच्चाई क्या है?

कामन वेल्थ की स्थापना 1931 में हुई। शुरुआत में वो देश इसका हिस्सा थे जिनपर ब्रिटेन का राज था। इसका नाम भी ब्रिटिश कमान वेल्थ था। लेकिन 1949 में इसे कामन वेल्थ ऑफ नेशन्स यानि राष्ट्रमंडल देश बना दिया गया। कामन वेल्थ ग्रुप की 1971 में हुई सिंगापुर घोषणा में साफ कहा गया है कि राष्ट्रमंडल देश स्वतंत्र संप्रभु देशों का स्वैच्छिक संगठन है। इसके सब देश अपने अपने लोगों के हितों के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय समझ विश्व शांति के लिए सलाह लेने और फैसले लेने के लिए खुद जिम्मेदार है। ब्रिटेन के गुलाम रहे किसी देश के लिए जरूरी नहीं कि वो कामन वेल्थ का हिस्सा रहे। जैसे दक्षिण अफ्रीका ने 1961 में कामन वेल्थ छोड़ दिया था और 1994 में वापस से हिस्सा बन गया। पाकिस्तान ने 1972 में कामन वेल्थ छोड़ दिया था और 1978 में फिर से ज्वाइन कर लिया। ऐसे ही मुजैंबिक और रवांडा पर कभी ब्रिटेन का शासन नहीं रहा लेकिन फिर भी वे कामन वेल्थ का हिस्सा हैं। कनाडा 1982 और ऑस्ट्रेलिया 1986 तक खुद को ब्रिटेन अधीन मानते थे। लेकिन 1982 में आए कनाडा एक्ट और 1986 के ऑस्ट्रेलिया एक्ट के बाद ये दोनों स्वतंत्र देश बन गए। कामन वेल्थ में रहने के कुछ फायदे हैं जिनकी वजह से देश इसका हिस्सा बने रहते हैं। जैसे कामन वेल्थ देशों में आपसी आर्थिक व्यापार आसान होता है। कामन वेल्थ देश एक दूसरे को सांस्कृतिक रूप से एक दूसरे से जुड़ा हुआ मानते हैं। ऐसे में इन देशों को नागरिकों को दूसरे देश की नागरिकता लेने में परेशानी नहीं होती। कामन वेल्थ देश अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर देते हैं। जब किसी कामन वेल्थ देश को ऐसे किसी देश में काम होता है। जहां उसका दूतावास नहीं है तो वो इस कामन वेल्थ देश की मदद ले सकता है। जिसका संबंधित देश में हो। कामन वेल्थ देश जब दूसरे कामन वेल्थ देशों में अपने मिशन खोलते हैं तो उन्हें उच्च आयोग यानि कि हाई कमीशन कहा जाता है। दूसरे देशों के मिशन दूतावास कहलाते हैं। मिशाल के लिए भारत और ब्रिटेन कामन वेल्थ देश हैं। भारत का ब्रिटेन में मिशन में हाई कमीशन कहलाता है। वहीं भारत का अमेरिका में मिशन एंबेसी कहलाता है क्योंकि अमेरिका कामन वेल्थ का हिस्सा नहीं है। तो कुल मिलाकर रुचि पाठक समेत भारत की 99 साल की लीज पर होने की गलतफहमी पाले बैठे लोगों के दावे बिल्कुल गलत है। भारत एक आजाद संप्रभु राष्ट्र है।

99 year lease? Just listen please!

Britain ruled India for almost a century and kept it as a slave. This thing is well known but a huge controversy started when a woman named Ruchi Pathak said that India is not completely independent and we will be under Britain after 24 years? 


Let's go to history!


First claim Did India get independence on 99 years lease? The answer is no!


India is a free sovereign nation. Claims like lease are just false statements and rumours. The rule of the King of Britain continued till 14 August 1947. The king's name was King George VI. From 12 o'clock on 15th August, India and Pakistan became two kingdoms of Britain, this meant that these countries would consult Britain till they made their own system. But no law of Britain can be implemented without the permission of the Parliament system of these countries. It is mentioned in the India Independence Act 1947. On 15 August 1947, Jawaharlal Nehru was sworn in as the Prime Minister of India. Nehru was the Prime Minister of the Dominium Government. This was an interim arrangement, so till the new system came into force, the post of Governor General was also continued. The Governor General of India at that time was Louis Mount Batten. On 21 June 1948, C. Rajagopalachari became the Governor General of India. As soon as the Constitution of independent India came into force on 26 January 1950. India became a sovereign republic. Sovereign means a country that is not under any other control that follows its own laws. So let's go to India Elected Government of India. The British who ruled India for more than a century are not even in the bus. India is ruled by the elected government of the people of India. When the Constitution of India was prepared, it was not recognized by the Governor General but by the President of the Constituent Assembly, Rajendra Prasad. Prasad became the first President of India on 26 January 1950. On 26 January 1950, the Prime Minister of India i.e. Jawahar Lal Nehru and the new President Rajendra Prasad took the oath of the Constitution when the Constitution came into force. The post of Governor General ended from this day. The Indian Independence Act was in force only till India became a republic. As soon as India became a republic, the provisions of this Act were automatically repealed. According to the constitution, the word republic means: - of the people, for the people, rule by the people. There is no mention of king and queen anywhere in this. Apart from this, it has been claimed on social media that all Common Wealth countries are slaves of Britain and they are controlled by the British Queen. Now tell me what is the truth?

Common Wealth was established in 1931. Initially those countries were part of it, which was ruled by Britain. Its name was also British Command Wealth. But in 1949 it was made a Common Wealth of Nations ie Commonwealth country. The Singapore Declaration of the Common Wealth Group in 1971 clearly states that the Commonwealth of Nations is a voluntary organization of independent sovereign countries. All its countries are responsible for their own international understanding for the interests of their people, for taking advice and taking decisions for world peace. It is not necessary for a country that has been a slave of Britain to be a part of the Common Wealth. For example, South Africa left the Common Wealth in 1961 and returned in 1994. Pakistan left Common Wealth in 1972 and rejoined it in 1978. Similarly, Muzambique and Rwanda have never been ruled by Britain but are still part of the Common Wealth. Canada 1982 and Australia until 1986 He considered himself a British subject. But after the Canada Act of 1982 and the Australia Act of 1986, both of them became independent countries. There are some advantages to living in a common wealth, due to which countries remain a part of it. For example, mutual economic trade is easy in common wealth countries. Common Wealth Countries consider each other to be culturally linked. In such a situation, citizens of these countries do not have trouble in taking citizenship of another country. Common wealth countries emphasize international cooperation. When a common wealth country gets work in such a country. Where he does not have an embassy, ​​then he can take the help of this common wealth country. in the country concerned. When Common Wealth Countries open their missions in other Common Wealthc ountries, they are called High Commissions. Missions of other countries are called embassies. For example, India and Britain are common wealth countries. India's mission in Britain High commission. On the other hand, India's mission in America is called Embassy because America is not a part of Common Wealth. So overall, the claims of the people sitting under the misunderstanding of India being on 99 years lease including Ruchi Pathak are absolutely wrong. India is a free sovereign nation.

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RS Agrawal


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