UA-166045260-1 सफर में हिफाजत की दुआ - Islamic Way Of Life

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Sunday, 27 March 2022

सफर में हिफाजत की दुआ

 सफर में हिफाजत की दुआ

सफर की मसनून दुआएं पढ़कर इस आयत को पढ़ें
سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ°•
सुबहानल्लजी सख्खरलना हाजा व मा कुन्ना लहु मुकरेनीन•°
"कितना महिमावान है वह जिसने इसको हमारे वश में किया, अन्यथा हम तो इसे क़ाबू में कर सकने वाले न थे।

(Quran: Surah Name: الزخرف Verse: 13)
صفر کی مسنون دعائیں پڑھکر اس آیت کو پڑھیں:-
 سُبْحٰنَ الَّذِيْ سَخَّرَ لَنَا هٰذَا وَمَا كُنَّا لَهٗ مُقْرِنِيْنَ °•
ترجمہ:-
"پاک ہے وہ جس نے ہمارے لیے اِن چیزوں کو مسخر کر دیا ورنہ ہم انہیں قابو میں لانے کی طاقت نہ رکھتے تھے"
(QS. Az-Zukhruf 43: Verse 13)
Read this verse by reciting the blessings/Dua of the journey:-
"subhana allathee sakhkhara lana hatha wama kunna lahu muqrineena"°•

”Glory to Him who has subjected this to us, and we could never have it (by our efforts).”
 
सफर की दुआ:-
सफ़र का इरादा करे, तो यह दुआ पढ़ें
اللَّهُمَّ بَكَ أَصُولُ وَبِكَ أَجُولُ وَبِكَ أَسِيرُ
अल्लाहुम-म बि-क असूलु व बि-क अहूलु व बि-क असीरु०
तर्जुमा – अल्लाह मैं तेरी मदद से ही हमला करता हूं, तेरी ही मदद से उनको दूर करने की तद्-बीर करता हूं तथा तेरी ही मदद से चलता हूं।
इस्लाम में कितनी दुरी को सफर माना जाता है 
इस्लाम में किसे सफर माना जाए आज भी लोगों की अलग अलग राय है. बहुत से लोगों का यह कहना है कि, अगर मेरा सफर 90 किलोमीटर से ज्यादा हैं तो उसे सफर मान लिया जाए |

चाहे उस सफ़र को पूरा करने के लिए हवाई जहाज या ट्रेन या बस का प्रयोग किया हो कुछ लोगों का यह कहना है कि अगर सफर में 2 दिन का समय लगे तो उसे सफर माना जाएगा।

सफर को लेकर इस्लाम से जुड़े लोगों की अलग अलग राय है. अल्लाह तल्लाह आपकी नियत को देखता है आप safar ki dua पढ़ कर ही अपना सफर शुरू करे |

और कोशिश हो की घर से वुजू करके निकले वजू भी एक मुस्तकिल इबादत है, क्या पता दुनिया में किया कौन सा काम अल्लाह तल्लाह को पसंद आ जाये और हमारी बक्शीश का बाइस बन जाए। इस्लाम में अच्छी बाते फैलाना भी सदका- ए – जरिया है |

ट्रेन में चढ़ते समय सफर की दुआ पढ़कर अपनी सीट पर जाकर बैठ जाएं
हमेशा ट्रेन छूटने से 10 से 15 मिनट पहले स्टेशन पर आएं।
अपने ही साथ सफर कर रहे, दूसरे छोटे और बूढ़े लोगों का ख्याल रखें
सफर की दुआ

अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लाइक नहीं वो अकेला है उसका कोई शरीक नहीं, उसी की बादशाहत है, और उसी की हम्द है, और वो हर चीज़ पर कादिर है, हम वापस लौटने वाले, तौबा करने वाले, इबादत करने वाले, सिर्फ़ अपने रब की हम्द करने वाले हैं, अल्लाह ने अपना वादा सच कर दिया और अपने बन्दे की मदद की और अकेले ही लश्करों को शिकस्त दी |
सफर से वापसी की छोटी दुआ:
 آئِبُوْنَ تَآئِبُوْنَ عَابِدُوْنَ سَاجِدُوْنَ لِرَبِّنَاحَامِدُوْنَ ۔
English Tarzuma: We return, repent, worship and praise our Lord.
हिंदी तर्जुमा: हम सफर से आने वाले है, तौबा करने वाले है, इबादत करने वाले है, सजदा करने वाले है और अपने खुदा की हम्द करने वाले है।


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